सोचिए — भारत में करीब 3.93 करोड़ verified crypto users हैं, जिनके पास लगभग ₹20,437 करोड़ की digital assets हैं। सरकार इन पर 30% tax भी वसूल रही है। फिर भी RBI कह रहा है कि cryptocurrency को कभी legal status नहीं मिलनी चाहिए। अजीब लगता है ना? लेकिन इसके पीछे एक बड़ी strategy है, जिसे RBI ने खुद Parliament की एक committee के सामने रखा है। तो चलिए जानते हैं पूरी बात...
RBI ने आखिर क्या कहा Parliament Committee को?
यह मामला 2 जुलाई 2026 को सामने आया, जब BJP सांसद Bhartruhari Mahtab की अध्यक्षता वाली Parliamentary Standing Committee on Finance के सामने RBI ने अपना official stance रखा। साथ में ICAI (Institute of Chartered Accountants of India) भी मौजूद था। यह committee "Virtual Digital Assets और आगे का रास्ता" topic पर 2025 से ही काम कर रही है।
RBI ने इस meeting में एक "containment strategy" पेश की — यानी crypto को पूरी तरह ban करने के बजाय, उसे banking और regulated financial institutions से अलग रखने की कोशिश।
RBI के तीन मुख्य तर्क
- Cryptocurrency privately issued asset है, जो central bank के control से बाहर है।
- इसका इस्तेमाल terror funding और narcotics smuggling जैसी illegal activities में हो सकता है।
- Stablecoins (जैसे dollar से जुड़े tokens) monetary sovereignty यानी देश की मौद्रिक नीति की स्वतंत्रता को कमजोर करते हैं।
CBDC यानी Digital Rupee को क्यों push कर रहा है RBI?
RBI का सुझाव है कि लोग crypto की जगह Central Bank Digital Currency (CBDC), यानी digital rupee अपनाएं — जिसे खुद RBI issue और backed करता है। लेकिन यहीं पर एक बड़ा सवाल खड़ा होता है।
दिसंबर 2022 में UPI लॉन्च होने के बाद से ही CBDC को adoption में struggle करना पड़ा है। जबकि UPI पूरी तरह free और seamless experience देता है, digital rupee अभी तक उस level की popularity हासिल नहीं कर पाया। यानी RBI एक ऐसा alternative offer कर रहा है, जिसे लोगों ने अब तक अपनाया ही नहीं है।
2018 की गलती दोहराने का डर?
यह पहली बार नहीं है जब RBI ने crypto को लेकर सख्त रुख अपनाया हो। 2018 में RBI ने एक circular जारी करके regulated entities को crypto dealings से रोक दिया था। लेकिन 2020 में Supreme Court ने इस circular को खारिज कर दिया और तब से सरकार पर regulatory vacuum भरने का दबाव बना हुआ है।
इस बार भी RBI का approach लगभग वैसा ही है — सीधा ban नहीं, बल्कि banking ecosystem से दूरी। फर्क सिर्फ इतना है कि अब crypto exchanges जैसे Binance और Coinbase FIU (Financial Intelligence Unit) के साथ register करके भारत में दोबारा operate कर रहे हैं।
SEBI भी ला सकता है नया एंगल
एक दिलचस्प बात यह भी है कि SEBI (Securities and Exchange Board of India) ने संकेत दिया है कि अगर VDAs को securities की तरह treat किया जाए, तो वो इन्हें regulate कर सकता है। यानी RBI भले ही "no legal status" चाहता हो, लेकिन दूसरे regulator का रास्ता अभी खुला हुआ है।
आम निवेशक के लिए इसका क्या मतलब है?
अगर आप crypto में invest करते हैं या करने की सोच रहे हैं, तो यह समझना जरूरी है:
- Crypto गतिविधियों पर अभी भी 30% tax और 1% TDS लागू रहेगा — यह नियम नहीं बदला है।
- Banking system के जरिए crypto transactions में risk बढ़ सकता है, क्योंकि RBI regulated entities को इससे दूर रखना चाहता है।
- Investor protection के लिए अभी कोई comprehensive कानून मौजूद नहीं है — यानी सतर्क रहना जरूरी है।
अगर आप digital fraud और compensation से जुड़े नियमों में भी दिलचस्पी रखते हैं, तो RBI के हाल के एक और बड़े कदम के बारे में यहाँ पढ़ें: RBI Digital Fraud Compensation Rule 2027 — पूरी जानकारी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या भारत में crypto पूरी तरह बैन हो जाएगा?
अभी तक ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है। RBI banking system से crypto को दूर रखना चाहता है, लेकिन Supreme Court पहले भी 2018 वाला ban circular खारिज कर चुका है, इसलिए पूरी तरह बैन होना आसान नहीं है।
RBI crypto को legal status क्यों नहीं देना चाहता?
RBI का कहना है कि crypto central bank के control से बाहर है और terror funding व illegal activities में इस्तेमाल हो सकता है, इसलिए यह financial stability के लिए खतरा है।
Digital Rupee (CBDC) और UPI में क्या फर्क है?
UPI एक payment system है जो banks के बीच पैसा transfer करता है, जबकि CBDC खुद RBI द्वारा जारी की गई digital currency है। CBDC का adoption अभी UPI जितना नहीं हो पाया है।
क्या crypto पर tax देना अभी भी जरूरी है?
हां, भारत में crypto gains पर 30% tax और transfers पर 1% TDS लागू है, चाहे legal status को लेकर बहस चलती रहे।
क्या Binance और Coinbase भारत में legal हैं?
यह exchanges FIU (Financial Intelligence Unit) के साथ register होकर भारत में दोबारा काम कर रहे हैं, लेकिन crypto को लेकर overall regulatory framework अभी भी अधूरा है।
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