भारत का IT भविष्य
AI का युग: पारंपरिक IT में बदलाव और नए अवसरों की दौड़
एंट्री-लेवल रोल्स में गिरावट के बीच AI/ML, क्लाउड और साइबरसिक्योरिटी में 60% की मांग वृद्धि — जानें कौन से प्रोफेशनल आगे निकल रहे हैं और क्यों।
पारंपरिक IT में मंदी और AI का दबदबा
मूल्यांकन में बदलाव
सामान्य कोडिंग और 0–2 साल के अनुभव वाली एंट्री-लेवल भूमिकाओं में भारी गिरावट आई है — AI टूल अब ये काम तेज़ी और सटीकता से कर लेते हैं।
मांग में उछाल
Nasscom और LinkedIn की रिपोर्ट के अनुसार AI/ML इंजीनियरिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा इंजीनियरिंग और साइबर सुरक्षा जैसे एडवांस्ड रोल्स में करीब 60% की वृद्धि दर्ज की गई है।
"डिग्री अब गेटपास नहीं — साबित किया हुआ AI कौशल ही नई मुद्रा है।"
— GCC हायरिंग ट्रेंड्स 2025, Nasscom
GCC में "स्किल-फर्स्ट" रणनीति
प्रतिभा की नई परख
वैश्विक कंपनियां अब डिग्रियों से ज्यादा प्रमाण-आधारित AI कौशल को प्राथमिकता दे रही हैं। पोर्टफोलियो, प्रोजेक्ट्स और सर्टिफिकेशन सबसे ऊपर हैं।
अनुभवी पेशेवरों की मांग
50% से अधिक रिक्तियां 4 से 12 वर्ष के अनुभव वाले प्रोफेशनल्स के लिए हैं — जो सिस्टम और बिज़नेस को AI से जोड़ सकें।
स्किल गैप = बड़ा पैकेज
AI और डेटा टैलेंट की भारी कमी के कारण योग्य उम्मीदवारों को असाधारण पैकेज मिल रहे हैं। Supply Constraint अभी कई साल तक बना रहेगा।
कंपनियों की रणनीति और अपस्किलिंग
उत्पादकता पर जोर
कंपनियां ज्यादा लोगों की बजाय 'कम लेकिन उच्च-क्षमता' वाले कर्मचारियों के साथ काम करने पर ध्यान दे रही हैं — AI के ज़रिए उत्पादकता और राजस्व दोनों बढ़ा रही हैं।
Reskilling में सबसे बड़ा निवेश
टेक कंपनियां और वैश्विक केंद्र इस समय AI टूल्स और प्लेटफॉर्म्स पर Reskilling में सबसे ज्यादा निवेश कर रहे हैं। यह बदलाव अपरिहार्य है।
स्रोत: Nasscom Annual Report 2025 · LinkedIn Workforce Insights · TechInsights India Analysis